नोएडा सेक्टर-93 स्थित पार्श्वनाथ प्रेस्टीज सोसाइटी को बने 25 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन यहां रहने वाले 644 फ्लैटों के निवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खुले नाले, जर्जर बिजली व्यवस्था, दूषित पेयजल, जलभराव, खराब ड्रेनेज सिस्टम, फायर सुरक्षा की अनदेखी और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसे मुद्दों को लेकर अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। निवासियों का आरोप है कि वर्षों से विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और नोएडा प्राधिकरण से शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। संवाद में सबसे बड़ी समस्या सोसाइटी के चारों ओर खुले पड़े नालों की बताई गई। निवासियों ने कहा कि नालों की नियमित सफाई नहीं होती, जिसके कारण उनमें हमेशा गंदा पानी और कचरा भरा रहता है। इससे पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है। नाले के पीछे स्थित मंदिर तक जाना भी मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम टहलने वाले बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। बरसात के दौरान नाले उफान पर आ जाते हैं और सोसाइटी के मुख्य गेट के सामने की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है। कई घंटे तक पानी भरा रहने से लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बिजली व्यवस्था भी 25 साल पुरानी होने के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सोसाइटी में आज भी पुरानी ओवरहेड बिजली लाइनें हैं। तेज हवा या बारिश होने पर तार आपस में टकरा जाते हैं, जिससे ट्रिपिंग शुरू हो जाती है और कई बार घंटों बिजली गुल रहती है। बार-बार बिजली आने-जाने से कई घरों में टीवी, फ्रिज, एयर कंडीशनर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो चुके हैं। बिजली कटने के बाद डीजल जनरेटर चलाना मजबूरी बन जाता है, जिससे मेंटेनेंस का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।