शहर की बेस्ट सोसाइटी में एक हमारी सोसाइटी शामिल है। यहां लगभग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन सोसाइटी के 423 परिवारों के लिए फॉर्मेसी एवं ड्राइक्लीनिंग की दुकान नहीं है। फॉर्मेसी के लिए सोसाइटी निवासियों को दूसरी सोसाइटी या अन्य मार्केट में जाना पड़ता है। इसके अलावा सोसाइटी में फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू करने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इन कार्यों में लगातार बाधाएं आ रही हैं। सेक्टर 107 स्थित प्रतीक एडिफिस सोसाइटी में रविवार को अमर उजाला संवाद के दौरान सोसाइटी निवासियों ने यह समस्या बताई। बताया कि सोसाइटी की मार्केट अंदर ही है, जिसमें कुल छह दुकानें बनी हुई हैं। इसमें प्रॉपर्टी डीलर, इंटीरियर डिजाइनर, सैलून, ग्रॉसरी आदि शामिल है। इसमें पूर्व एओए की ओर से प्रॉपर्टी डीलर और अपने परिवार के सदस्य को इंटीरियर डिजाइनर की दुकान 2024 मई में किराए पर दी गई थी। इनका एग्रीमेंट पूरा हो चुका है इसके बाद भी दुकान खाली नहीं की जा रही है। उनकी जगह पर वर्तमान एओए एक फॉर्मेसी, ड्राइक्लीनिंग और फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू करना चाहती है, लेकिन इसके लिए उन्हें मदद नहीं मिल रही है। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर और इंटीरियर डिजाइनर की दुकानों को पूर्व एओए ने मात्र 20-20 हजार के किराए पर उठाया था, जबकि मार्केट रेट के हिसाब इन दुकानों का किराया वर्तमान से 2-3 गुना होना चाहिए। इन दुकानों का 11 महीने का एग्रीमेंट पूरा हो चुका है और वर्तमान एओए ने जब दुकान खाली करवाने की बात कही तो दूसरी पार्टी ने सपोर्ट नहीं किया। इसके बाद मामला पुलिस और नोएडा प्राधिकरण के साथ ही सूरजपुर कोर्ट तक पहुंच चुका है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि यहां पर 423 फ्लैट है और 2018 से लोगों ने रहना शुरू कर दिया था आज करीब सात साल बीतने वाले हैं लेकिन अब तक 40 फ्लैट खरीदारों को उनके घर का मलिकाना हक नहीं मिल पाया है। ऐसे में फ्लैट खरीदार अपने फ्लैट की रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सोसाइटी में सीलन की समस्या बढ़ रही है। इससे प्लास्टर झड़ने का खतरा बढ़ गया है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि कई घर ऐसे हैं जहां पर बिल्डर ने किए गए वादे के अनुसार एसी, अलमारी और अन्य सामान नहीं दिए हैं। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि बाहर नोएडा प्राधिकरण की ओर से नाले की सफाई की जा रही है और यह नाला सोसाइटी की तरफ से भी होकर निकला है। नोएडा प्राधिकरण का कहना है सफाई के लिए नाले को सोसाइटी की तरफ से भी तोड़ा जाएगा। जबकि सोसाइटी निवासियों का कहना है कि मशीनों के माध्यम से बिना तोड़े नाले को साफ किया जा सकता है। संवाद में बताया गया कि सोसाइटी के ठीक पीछे खाली जगह पड़ी है यहां पर निर्माण कार्य चल रहा है। यह जमीन किसकी है और निर्माण कार्य किसकी ओर से किया जा रहा है इस संबंध में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। यह एक तरह से अतिक्रमण लग रहा है। नोएडा प्राधिकरण को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए।