और बलिदान झेलने वाले लाखों लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का माध्यम है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर विभाजन की घटनाओं को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। अनेक लोगों ने अपने परिजनों को खोया और अमानवीय परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिवस का उद्देश्य वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दिवस को मनाने के निर्णय की सराहना की। नबीन ने कहा कि कठिन समय में समाज के लोगों ने पीड़ित परिवारों की सहायता की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए देश के विभाजन को स्वीकार करने वाले तत्कालीन नेतृत्व ने करोड़ों लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। नबीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों से कभी माफी नहीं मांगी।