शहर के मंदिरों सावन के दूसरे सोमवार जलाभिषेक किए गए। वही कांवड़ियां शिविरों और मंदिरों में हरिद्वार और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़िये पहुंच गए हैं। कादीपुर स्थित कांवड़िया शिविर से हर साल की तरह कांवड़ियों और शिविर प्रबंधन ने शिव की बारात निकाली। भगवान शिव की शोभा यात्रा में नाचते गाते कांवड़िये कादीपुर बाबा रतनदास मंदिर पहुंचे। मंदिर में भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। कादीपुर का यह 27 वां कांवड़ शिविर है। कांवड़ शिविर के संचालकों ने बताया कि हर साल यहां से शिव की बारात निकलती है जो कादीपुर के प्राचीन बाबा रतनदास मंदिर तक पहुंचती है। यह मंदिर 1857 से पहले का बताया जाता है। यहां के करीब 61 फुट ऊंची शिव की प्रतिमा है।