शहर के अंतिम छोर (टेल एंड) वाले सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने 55.59 करोड़ रुपये की मास्टर पाइपलाइन योजना पर काम शुरू कर दिया है। बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) से सेक्टर-25ए स्थित डीएलएफ फेज-3 तक 21.97 किलोमीटर लंबी नई मास्टर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह परियोजना वर्ष 1995 में बिछाई गई और अपनी 30 वर्ष की डिजाइन आयु पूरी कर चुकी मौजूदा पाइपलाइन का विकल्प बनेगी, जिससे टेल एंड क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा। परियोजना के तहत 1600 मिमी से 600 मिमी व्यास की पाइपलाइन डाली जाएगी।परियोजना के तहत 21.97 किलोमीटर लंबी मास्टर वॉटर सप्लाई लाइन बिछाई जाएगी। शहर में पालम विहार, सेक्टर-22, 23, 23ए, एचएसआईआईडीसी (सेक्टर-19 और 20), डूंडाहेड़ा, सूर्या विहार और डीएलएफ फेज-3 बसई संयंत्र से पेयजल आपूर्ति के अंतिम छोर (टेल एंड) पर स्थित हैं। लंबी दूरी और मौजूदा पाइपलाइनों पर बढ़ते दबाव के कारण इन क्षेत्रों में विशेषकर गर्मी के मौसम में पानी का दबाव कम हो जाता है। नई मास्टर पाइपलाइन से सेक्टर-101, 104, 108, 110, 110ए, 111, न्यू पालम विहार और सराय गांव को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा सेक्टर-1, 2, 18, 19 , सेक्टर-20 (डूंडाहेड़ा), सेक्टर-21 (सूर्य विहार), सेक्टर-22, 23, 23ए (कार्टरपुरी, पालम विहार एक्सटेंशन और नोबेल एन्क्लेव) में भी जलापूर्ति सुधरेगी। साथ ही सेक्टर-3ए, 4, 7, 8, 9, 9ए, 12, 12ए, भीमगढ़ खेड़ी, अशोक विहार फेज-2 व 3, मारुति उद्योग, सुखराली, सेक्टर-13 और सरहौल गांव में भी पर्याप्त पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है।