रहती है। जिससे आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ऑटो रिक्शा चालक मरीजों को अस्पताल छोड़ने के बाद वहीं अस्पताल के अंदर सवारी भरने लगते हैं और अपने वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े कर देते हैं। इसके कारण अस्पताल के प्रवेश द्वार पर यातायात बाधित हो जाता है और कई बार आपात स्थिति में पहुंचने या निकलने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं।