पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा, "पूरे देश में पेट्रोल, डीज़ल, LPG और PNG की पर्याप्त उपलब्धता है, इसे सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने कई स्तरों पर कदम उठाए हैं और उठा रही है। हमारी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं, और कच्चे तेल का स्टॉक भी पर्याप्त है। जबकि ज़्यादातर रिटेल आउटलेट्स पर काम सामान्य रूप से चल रहा है, कुछ जगहों पर घबराहट में खरीदारी के मामले देखे गए हैं।
भारत सरकार ने घरेलू बाज़ार में पेट्रोल और डीज़ल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों में किसी भी बढ़ोतरी को रोकने के लिए उन पर एक्साइज़ ड्यूटी ₹10 कम कर दी है। इसके अलावा घरेलू बाज़ार में डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एक एक्सपोर्ट लेवी भी लगाई गई है। आपसे निवेदन है कि आप अफवाहओं पर भरोसा न करे. LPG के संबंध में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक की कोई कमी नहीं है, आपूर्ति पर्याप्त है और इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। लगभग 95% बुकिंग ऑनलाइन की गईं। इसके अलावा लगभग 82% डिलीवरी 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' का उपयोग करके पूरी की गईं
एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर हाल ही में जो चिंताएं सामने आ रही थीं, उन पर अब काफी हद तक काबू पा लिया गया है और देश के अधिकांश हिस्सों में डिलीवरी व्यवस्था सामान्य हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि गैस की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है। इस बीच, जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कई राज्यों में छापेमारी कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो कृत्रिम संकट पैदा कर मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर जानबूझकर सिलेंडरों की कमी दिखाकर कीमतें बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सरकार ने गैस एजेंसियों और वितरकों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाना सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत रिपोर्ट करें। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से सिलेंडरों का स्टॉक न करें और जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें, ताकि सभी को समान रूप से आपूर्ति मिल सके। प्रशासनिक स्तर पर कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पूरे मामले में सरकार की प्राथमिकता यह है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की बाधा न आए और आम जनता को परेशानी न हो।
जमाखोरों के खिलाफ चल रही इस सख्त कार्रवाई का असर अब दिखाई देने लगा है, जिससे बाजार में स्थिरता लौट रही है और डिलीवरी सिस्टम भी पटरी पर आ गया है। आने वाले दिनों में भी सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की सतर्कता और निगरानी से न केवल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी बना रहेगा।