करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ मंगलवार को छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने खराब धान के साथ कलेक्टोरेट कार्यालय का घेराव किया। प्लांट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दरसल करणी कृपा पावर प्लांट से निकलने वाले धुएं से क्षेत्र के किसानों की धान कि फसल काला पड़ गया है और पूरी तरह बर्बाद हो गया है। बीते चार सालों से क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान करणी कृपा पावर प्लांट का विरोध कर रहे हैं। अब हालात ये है कि किसान अपना धान शासन को बेच नही पा रहे हैं। जब किसान सहकारी समिति में धान बेचने जाते हैं तब इन किसानों से खराब धान होने का हवाला दे कर धान खरीदा ही नहीं जा रहा है। इन किसानों की अब तक प्रमुख मांगें करणी कृपा पावर प्लांट के प्रदूषण से फसल बर्बादी, अवैध भूमि अधिग्रहण और छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा हटाने के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाया है। आपको बता दें कि करणी कृपा पावर प्लांट का विरोध जनसूवाई की प्रक्रिया के समय से ही क्षेत्र के किसान कर रहे हैं। लेकिन तमाम विरोध के बावजूद नियम विरूद्ध जनसुनवाई भी की गई और पावर प्लांट भी लगाया गया। अब क्षेत्र के किसानों के लिए करणी कृपा पावर प्लांट इतनी बड़ी समस्या बन गया है कि क्षेत्र के किसान खेती किसानी कर भी रहे हैं तो सिर्फ नुकसान हो रहा है। पुलिस ने भी सुरक्षा के लिहाज से शहर में प्रवेश वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड्स लगाया था। शहर में प्रवेश कर रहे कुछ किसानों को पुलिस ने रोका भी। बावजूद इसके किसान रैली स्वरूप में कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे हुए थे।