राजस्व विभाग के दस्तावेजों में छेड़छाड़ और भू-माफियाओं व भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से वर्षों से खेती कर रहे किसानों की जमीन छीनने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
ताजा मामला, महासमुंद जिले के पिथौरा तहसील अंतर्गत पटवारी हल्का नम्बर 44 से सामने आया है। जहां के ग्राम सरिफाबाद के 8 भूमिस्वामी किसान, जो पूर्वजों के समय से करीब 23 एकड़ की जमीन पर खेती करते आ रहे थे, अब अपनी ही जमीन से वंचित हो गए है। क्योंकि भूमि स्वामी होने के बाद भी इन किसानों की जमीन पड़ोसी जिले बलौदाबाजार के सोनपुर के किसानों के नाम कर दिया गया है।
अब ऐसे में जमीन के एक ही खसरे के दो-दो मालिक सामने आ गए है। सरिफाबाद के किसानों को जो वर्षों से पूर्वजों के समय खेती करते आ रहे थे, जिन्हें सरकार ने सन 1990-91 में मालिकाना हक भी प्रदान किया था, अब उन्हीं किसानों को, बलौदाबाजार के सोनपुर के किसान रसुखदारी का धौंस दिखाते हुए अपना मालिकाना कह बताकर बेदखल कर रहे है, जिससे परेशान किसानों ने कलेक्टर से मामले की शिकायत की है और न्याय की गुहार लगाते हुए अपने हक की जमीन दिलाने की मांग की है। वहीं मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।