जिले में सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को थाम दिया। सुबह के 10 बजे ही ऐसा लग रहा था मानो शाम ढल आई हो। गरजते बादलों और लगातार झमाझम बारिश ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। छत्तीसगढ़ में कहावत है कि “सावन से भादो कम नहीं होता”, लेकिन इस बार भादो सावन पर भारी पड़ा। इतनी भीषण और लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश जहां किसानों के लिए वरदान बनी है, वहीं आमजन के लिए परेशानी का सबब भी। खेतों में पानी भरने से धान की फसल लहलहा उठी है और किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मगर दूसरी ओर, सड़कों पर जलभराव, बाजारों में कीचड़ और लगातार बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सप्ताह का पहला दिन होने के बावजूद लोग कामकाज के लिए घर से निकलने से बचते रहे। तेज बारिश और गरज-चमक के चलते मौसम विभाग ने भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कहा जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही मिजाज कायम रह सकता है।