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जीपीएम: स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड टीम की दबिश, दो दिनों तक चली जांच में चौंकाने वाले खुलासे

Sat, 25 Apr 2026 03:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल में रायपुर से पहुंची स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड टीम की जांच के बाद वन विभाग में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। दो दिनों तक चली इस विस्तृत जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसने जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, जांच टीम ने सबसे पहले पीपरखुटी बीट का निरीक्षण किया, जहां सागौन और साल जैसे बेशकीमती पेड़ों के 122 से अधिक कटे हुए ठूंठ पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की अवैध कटाई यह दर्शाती है कि क्षेत्र में लंबे समय से सुनियोजित तरीके से जंगलों का दोहन किया जा रहा था। यह भी आशंका जताई जा रही है कि वन माफिया सक्रिय रूप से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त हैं।

इसके अलावा, टीम ने ठाढ़ पथरा और आमानाला बीट का भी दौरा किया, जहां हालात और भी चिंताजनक बताए जा रहे हैं। कई स्थानों पर जंगलों की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निगरानी और संरक्षण के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ही यह अवैध कटाई लगातार जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायतें कीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे वन माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए और उन्होंने बेखौफ होकर जंगलों की कटाई जारी रखी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में भी आक्रोश व्याप्त है।

फिलहाल, स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हलचल तेज हो गई है और उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोषी अधिकारियों और अवैध कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं। साथ ही, जंगलों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए क्या ठोस रणनीति बनाई जाती है, यह भी आने वाले समय में स्पष्ट होगा।  

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