छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उनके औद्योगिक वार्ड स्थित घर के बाहर पहुंच गए और धरने पर बैठकर केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ नारेबाजी की।
मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घर के अंदर जाकर परिवार के सदस्यों से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। धरना प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, पूर्व जिला अध्यक्ष, वर्तमान व पूर्व विधायक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, पार्षद और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने आरोप लगाया कि रामगोपाल अग्रवाल पहले से ED की कस्टडी में हैं, इसके बावजूद उनके धमतरी स्थित परिवार के घर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रामगोपाल अग्रवाल पहले से जांच एजेंसी की हिरासत में हैं, तो उनके परिवार को बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई का विरोध जारी रखेगी।
धमतरी विधायक ओंकार साहू ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रामगोपाल अग्रवाल का मुख्य निवास रायपुर में है और धमतरी में उनके परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। ऐसे में परिवार को परेशान करना उचित नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भी कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि परिवार के सदस्यों की गतिविधियों को रामगोपाल अग्रवाल के कारोबारी मामलों से अलग देखा जाना चाहिए।
करीब 8 घंटे चली कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ED की टीम ने करीब 8 घंटे तक रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित निवास पर जांच की। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गई। फिलहाल इन दस्तावेजों और ED की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।