देश के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, गीतकार, कथाकार और समीक्षक रहे स्वर्गीय श्रीकांत वर्मा की जयंती पर रविवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। बिलासपुर में 18 सितंबर 1931 को जन्मे श्रीकांत वर्मा ने साहित्य और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई थी और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन छत्तीसगढ़ भवन के सामने स्थापित उनकी प्रतिमा स्थल पर किया गया, जहाँ नगरवासियों सहित जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक अटल श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 28 वर्षों बाद बिलासपुर पहुंचे उनके पुत्र और शिवसेना-एनडीए गठबंधन के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ अभिषेक वर्मा ने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि “श्रीकांत वर्मा कल्चरल ट्रस्ट” का गठन किया गया है। इसके लिए शासन से 10 एकड़ भूमि की मांग की गई है, जहाँ कला और संस्कृति के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर मंच प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि वह अब सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं और आगामी चुनाव में शिवसेना गठबंधन के तहत प्रदेश की 10 से 12 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। डॉ अभिषेक वर्मा ने कांग्रेस से अपने मतभेदों का भी जिक्र किया और भविष्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट की। श्रद्धांजलि सभा एक ओर जहाँ श्रीकांत वर्मा के बहुआयामी योगदान को स्मरण करने का अवसर बनी, वहीं दूसरी ओर राजनीति और सांस्कृतिक क्षेत्र में नई पहल का संदेश भी लेकर आई। इधर डॉ अभिषेक वर्मा के बिलासपुर आगम से हर्षित शिव सेना की जिला अध्यक्ष रेवती यादव ने मीडिया से रूबरू होकर बताया कि उनके मार्गदर्शन में शिव सेना पार्टी के विकास होगा। वही उन्होंने सानिध्य में न्यायधानी सहित अंचल का विकास संभव होगा। उन्होंने बताया की बिलासपुर के प्रमुख मुद्दों को उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया है।