लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे शिक्षाविद, पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ देशभर में रोष फैलता जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के अम्बेडकर चौक में शनिवार को एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया गया। 24 सितंबर 2025 को लेह लद्दाख में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोनम वांगचुक को उनके गांव उलेकोम्पो से हिरासत में लिया गया है। यह वही सोनम वांगचुक हैं जिन्होंने पिछले वर्षों में आमरण अनशन, दिल्ली तक मार्च और भूख हड़ताल जैसे शांतिपूर्ण तरीकों से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई। गिरफ्तारी काविरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सोनम की गिरफ्तारी न केवल लोकतंत्र पर आघात है, बल्कि यह देश की उन तमाम आवाज़ों को दबाने की कोशिश है जो संविधान और जनहित के लिए खड़े हैं।