केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान से बिहार की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। उन्हाेंने एक जनसभा में कहा था कि उनके एक प्रत्याशी इस बार 1600 वोटों से हार गए, जबकि पिछली बार 2700 से हार रहे थे तो तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह ने उनके कहने पर मदद की तो जीत गए थे। जीतन राम मांझी इस वीडियो में साफ दिख हैं, इसलिए बवाल मचा है। विपक्ष इस वीडियो को शेयर करते हुए निर्वाचन आयोग पर हावी है कि हेराफेरी हो रही है। ऐसे में चुनाव आयोग बाद में जो करे या न करे, पत्रकारिता धर्म के तहत 'अमर उजाला' ने तत्कालीन कलेक्टर, यानी जिलाधिकारी अभिषेक सिंह से बात की। अभिषेक सिंह त्रिपुरा कैडर के आईएएस हैं और तीन साल पहले उन्हें उनके राज्य के लिए विरमित कर दिया गया था।