बिहार में चुनावी माहौल गर्म है। चुनाव प्रचार जोरों पर हैं। दक्षिण बिहार के जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सिंचाई की बदतर हालत, बेरोजगारी के कारण पलायन, शिक्षा का अभाव और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं की शिकायत है। यहां से फिलहाल आरजेडी के सुदय यादव विधायक हैं। लोग मौजूदा सरकार से निराश हैं। वे कहते हैं कि सरकार ने विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। जहानाबाद निवासी संजय कुमार कहते हैं कि, मुख्य समस्या बेरोज़गारी है। यहां एक सुई का कारखाना भी नहीं लगा है। लोग बेरोज़गार हैं और लाखों लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं, प्रताड़ित होते हैं और फिर भी उन्हें वो सम्मान नहीं मिल पाता जो मिलना चाहिए। शिक्षा के लिए कुछ नहीं है। हर जगह छोटे-छोटे विद्यालय हैं, लेकिन बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करेंगे और अपने करियर में आगे कैसे बढ़ेंगे? कोई प्रेरणा नहीं है। किसान परमानंद प्रसाद ने कहा, बेरोज़गारी यहां पहली समस्या है। नीतीश जी जो पिछले 20 वर्षों में नहीं सुलझा पाए, वो एक महीने में भी नहीं कर सकते। हम जहां भी जाते हैं, चाहे कोर्ट हो या सरकारी दफ़्तर, कुछ भी आगे बढ़ने से पहले दक्षिणा (रिश्वत) देनी पड़ती है।
कई मतदाताओं का मानना है कि जहानाबाद में ऐसे नेता का अभाव है जो यहां के विकास को प्राथमिकता दे। उनका कहना है कि नेता या तो बाहरी हैं या फिर क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी करते हैं। मेडिकल स्टोर के मालिक चंद्रशेखर आजाद ने कहा, जहानाबाद की सबसे बड़ी समस्या यही है कि यहां का कोई भी प्रतिनिधि ऐसा नहीं रहा जिसने यहां के सर्वागींण विकास के बारे में सोचा हो। जो चुने गए हैं, वे या तो बाहर से आए हैं, या अगर स्थानीय हैं, तो अपने काम में व्यस्त हैं। जहानाबाद के लोगों का दुर्भाग्य है कि हमें कोई अच्छा नेता नहीं मिला जो जहानाबाद के समग्र विकास के बारे में सोचता हो।
कुछ पूर्व प्रतिनिधि जोर देते हैं कि इलाके का कुछ तो विकास तो हुआ है, हालांकि वे भी मानते हैं कि बेहतर सिंचाई परियोजनाओं से यहां की कई समस्याएं दूर होंगी। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता भी कमजोर बुनियादी ढांचे, भ्रष्टाचार और जहानाबाद की अनदेखी के लिए सरकार की आलोचना कर रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होने के आसार हैं। इससे पहले जहानाबाद के लोग कभी ना पूरे होने वाले चुनावी वादों के बजाय समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।