बिहार विधानसभा के जरिए राजनीति में अपनी एंट्री पर बोलते हुए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मजबूरी में सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक गौ माता के प्रत्याशी को उद्घोषित करेंगे, ताकि जो लोग गाय के लिए वोट करना चाहते है वो लोग वोट करके गौ माता की रक्षा के लिए अपनी आवाज को ऊंचा कर सकेंगे। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बिहार में सनातनी राजनीति का शंखनाद किया है। शेखपुरा पहुंचकर भी उन्होंने कहा कि बिहार की सभी विधानसभा सीटों पर वे ऐसे प्रत्याशियों को समर्थन देंगे, जो अपने घोषणा पत्र में गौ हत्या रोकने का संकल्प शामिल करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि देश की स्वतंत्रता के 78 वर्षों बाद भी कोई राजनीतिक दल इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं कर रहा है। केंद्र में कई दलों की सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने गौ संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी। इस स्थिति को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ मतदाता संकल्प यात्रा शुरू की है, जिसके तहत वे बिहार के सभी जिलों में जाकर मतदाताओं को गौ-रक्षा और सनातन धर्म के महत्व के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा करना केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समाज की आधारशिला है। एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विधानसभा चुनाव में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट दें जो गौ संरक्षण को लेकर स्पष्ट और दृढ़ संकल्पित हों। स्वामी ने यह भी बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वे संसद में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के पक्ष में मतदान करें, लेकिन किसी भी दल ने इस मुद्दे पर स्पष्ट विचार नहीं किया। इसी कारण उन्होंने स्वयं गौ भक्त उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बिहार की सभी विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से सूची जारी की जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौ भक्त मौजूद थे।