उत्तराखंड स्थित टिहरी झील के पास बसे एक गांव में मंगलवार की रात अजीब वाक्या देखने को मिला। एक बच्ची मोटरबोट में बैठकर इस दुनिया में आई।
पढ़ें, आपदा से बचने के बाद लोगों को निगल गई 'धरती'!
टिहरी बांध झील के कारण दिचली गमरी गांव अलग-थलग पड़े होने तथा क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव है। जिस कारण प्रखंड के दिचली गांव की चकोरी देवी को मोटरबोट में ही अपनी बच्ची को जन्म देना पड़ा।
पढ़ें, आपदा राहत सामग्री पर हॉस्टल के छात्र कर रहे मौज
मंगलवार की रात करीब आठ बजे दिचली गांव निवासी बगवाल्या की पत्नी चकोरी देवी को प्रसव पीड़ा हुई। गांव की चंद्रा देवी ने बताया कि आशा कार्यकत्री एवं एएनएम से संपर्क किया, लेकिन मदद नहीं मिली।
पढ़ें, आपदा पीड़ित ऐसे पा सकते हैं राहत
108 एंबुलेंस सेवा को भी फोन किया, लेकिन वह भी नहीं पहुंची। ऐसे में परिजन चकोरी को डेढ़ किलोमीटर पैदल और 38 किलोमीटर टैक्सी में लेकर देवीसौड़ तक पहुंचे। यहां आधा घंटे इंतजार के बाद मोटर बोट आई।
पढ़ें, उत्तराखंड को आपदा से उबारेगी ये तकनीक
इसमें बैठते ही महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया। चिन्यालीसौड़ सरकारी अस्पताल में जच्चा-बच्चा को भर्ती करा दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें