'साहब मैं बिजनौर से आई हूं। मेरे पति और सात बच्चे केदारनाथ में बह गए। मैं भी 18 जून को हेलीकाप्टर से लाई गई हूं। हेलीकाप्टर में 20 लोग सवार थे। मेरी बेटी बीमार है, मुझे पैसे दे दो।'
देहरादून में चंद पैसों के लिए पति और सात बच्चों को मरा बताने वाली यह महिला अपने दावे और उसके जवाब में ऐसी उलझी कि उसकी कहानी की पोल खुल गई।
महिला से पूछताछ के बाद पुलिस उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगी। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे सहस्रधारा हेलीपैड पर बने सहायता काउंटर पर बुर्का पहनकर पहुंची महिला के हाथ में विधायक के नाम की पर्ची थी।
सहायता काउंटर पर महिला ने रजिस्टर में सबसे पहले पति का नाम नफीस लिखवाया। इसके बाद बच्चों का नाम लिखवाना शुरू किया तो संख्या आठ तक पहुंच गई। महिला का दावा था कि उसके पति और सात बच्चे केदारनाथ में कबाड़ी का काम करते थे।
वहां आए सैलाब में सभी बह गए हैं। इस पर महिला से उसके पति और बच्चों की फोटो मांगी गई तो वह नहीं दे पाई। महिला कह रही थी कि उसे जिस हेलीकाप्टर से लाया गया उसमें 20 लोग सवार थे।
इस पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने महिला को पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए भेजने को कहा, लेकिन वह दूसरे सहायता काउंटर पर पहुंच गई।
यहां उसने सीधे सवाल किया कि उसे रुपये कहां से मिलेंगे? इस पर पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस लाइन लाकर महिला से पूछताछ की गई तो महिला का दावा फर्जी निकला।
सीओ सदर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि हर दावा करने वाले की पुलिस जांच कर रही है। मुआवजे के लिए फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा जाएगा।