आगामी एक अक्तूबर से दोबारा शुरू होने जा रही केदारनाथ यात्रा को लेकर शासन तैयारियों में जुटा हुआ है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव ने मातहत अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया और केदारनाथ का आंखों देखा हाल बताया।
व्यवस्था के बारे में जानकारी ली
केदारनाथ धाम सहित पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर मुख्य सचिव ने कुछ स्थानों पर मार्ग को ठीक करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव उमाकांत पंवार, जिलाधिकारी दिलीप जावलकर सुबह देहरादून से चॉपर के जरिए सीधे केदारनाथ पहुंचे।
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यहां बाबा केदार के दर्शन के साथ ही उन्होंने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मियों से पूजा की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। धाम में वैली ब्रिज हेलीपैड का निरीक्षण करने के बाद मुख्य सचिव ने केदारनाथ से गौरीकुंड तक करीब 17 किमी पैदल सफर तय किया। उन्होंने बताया कि केदारनाथ से रामबाड़ा तक नया मार्ग ठीक है।
लोनिवि को दिए गए निर्देश
कुछ स्थानों पर इसको और बेहतर बनाने के निर्देश लोनिवि को दिए गए हैं। गौरीकुंड में पैदल मार्ग में एक स्थान पर सुधार किया जा रहा है ताकि घोड़ों आसानी से चल सकें। पैदल मार्ग पर घोड़े चल रहे हैं। प्रस्तावित यात्रा में व्यवस्थाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं देखने के लिए ही उनका दौरा हुआ है।
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धाम में रहने-खाने की दिक्कतों को देखते हुए सीमित संख्या में यात्रियों को केदारनाथ जाने दिया जाएगा। बच्चों और बुजुर्गों को अभी धाम में न जाने की सलाह दी जाएगी। अभी यात्रा में पांच-छह दिन शेष हैं। तब तक अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी प्रबंध हो जाएगा। इससे पूर्व केदारनाथ में तीर्थ पुरोहित समाज के लोगों ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर मुआवजा देने और धाम परिसर स्थित घरों में घुसे मलबे को हटाए जाने की मांग की।