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जिसने भी अपनाया, वो ही 'जिस्म' से खेला

Tue, 04 Jun 2013 01:26 AM IST
हरिद्वार/ब्यूरो
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पहले हालात ने मारा, फिर जिस्म के सौदागरों ने उसे कदम-कदम पर छला। सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई झारखंड निवासी युवती ने सोमवार को जब अपनी दास्तां सुनाई तो सभी के रोंगटे खड़े हो गए।
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वह बिकती रही, उसका बलात्कार भी होता रहा

शराबी पति की मार से परेशान युवती बिहार से अपने मायके झारखंड आ गई थी। लेकिन, घर की माली हालत सुधारने की तमन्ना दिल्ली ले आई। लेकिन गांव के जिन दो लोगों के विश्वास पर आई थी, उन्होंने ही छल किया।

पहले खुद इज्जत लूटी, फिर दुनिया के सामने परोस दिया। इससे निकलने की कोशिश की तो किस्मत फिर वहीं ले गई। आठ माह में इतनी बार लुटी कि बस अब.... इतना कहते हुए युवती फफक पड़ी।
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थाने में बैठी युवती की अम्मा ने जब अपनी बेटी की यह दास्तां सुनी तो वह भी रो पड़ी। पीड़ित युवती ने बताया कि पिता का साया सिर से उठ गया था। इसके बाद भी मां ने किसी तरह 2007 में हाथ पीले किए थे।

पति शराबी निकला। नशे में रोज पीटता था। थक-हार कर मायके चली आई। परिवार पहले से फाके काट रहा था। इस दौरान एक बेटी भी जन्मी। गांव के ही रामेश्वर दास और राजेंद्र अच्छे काम का भरोसा दिलाकर दिल्ली ले आए।

लेकिन, दोनों ने अस्मत लूटने के बाद प्रदीप नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया। प्रदीप ने हकीकत बताई तो वह भाग निकली। गीता मौसी की मुलाकात से आस बंधी। लेकिन, उसके पति ने भी बलात्कार किया।

बाद में जिस्मफरोशी के धंधे में झोंक दिया। लगातार बेचा गया। पहली बार दिल्ली से बाहर हरिद्वार भेजा गया।

यूपी और दिल्ली की लड़कियां हैं गिरोह में
मौसी की गिरफ्त में आई लड़कियां गाजियाबाद, कानपुर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि जगहों की हैं। पुलिस ने बताया कि नई होने के कारण युवती को जल्दी से बाहर नहीं भेजा जाता था। उसे पैसे भी नहीं दिए जाते थे। सिर्फ खाना-कपड़ा दिया जाता था।
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