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उत्तराखंड में पानी को तरस को रही है पुलिस 

Sun, 17 Apr 2016 09:01 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून

सार

 
  • प्रदेश के कई थाना चौकियों में नहीं है पीने के लिए शुद्ध पानी
  • मानवाधिकार आयोग के आदेश पर हुई पड़ताल में चला पता 
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- फोटो : demo pic
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विस्तार
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अपराधियों को ‘पानी’ पिला पिलाकर पस्त करने वाली पुलिस खुद शुद्ध पानी के लिए तरस रही है। हालात यह हैं कि प्रदेश के कई थानों से लेकर चौकियों में पीने के लिए शुद्ध पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मानवाधिकार आयोग के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने जानकारी जुटाई तो यह बदरंग तस्वीर सामने आई। मामला राजभवन भी पहुंच गया है।
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नेहरू कालोनी निवासी भूपेंद्र कुमार ने राजधानी के थाना चौकियों में पुलिसकर्मियों के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। 

प्रदेश के अन्य थाना चौकियों में भी ऐसी ही स्थिति होने की आशंका जताई थी। आयोग की सदस्य डॉ. हेमलता ढौंढियाल ने मामले की सुनवाई करते इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन माना और पुलिस मुख्यालय को विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने के आदेश दिए। 
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10 थानों और 44 चौकियों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं 

मौके पर यदि पुलिस हस्तक्षेप न करती तो कुछ भी हो सकता था। - फोटो : Demo pic
पुलिस मुख्यालय से मिली सूचना के मुताबिक, देहरादून जिले में 10 थानों और 44 चौकियों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। हरिद्वार में पांच थानों के साथ एक भी चौकी में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उत्तरकाशी में दो थानों और सिर्फ एक चौकी में पीने के पानी है, जबकि रुद्रप्रयाग में पांच में से एक थाने में और चमोली में तीन चौकियों में पेयजल उपलब्ध नहीं है। 

हालांकि पौड़ी और टिहरी जिले के सभी थानों में पुलिस को शुद्ध पेयजल मिल रहा है। वहीं, नैनीताल जिले में चार थानों और सभी 17 चौकियों, ऊधमसिंह नगर की दो चौकियों, बागेश्वर में दो थानों व एक भी चौकी में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। 

अल्मोड़ा जिले में तीन थाना, पांच चौकियों, चंपावत में पांच थानों, चार चौकियों, पिथौरागढ़ में सात थानों और सभी 16 चौकियों में शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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