फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीवीआईपी बन रहे हैं राहत कार्यों में बाधा

Wed, 26 Jun 2013 11:17 AM IST
रजा शास्त्री
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड की आपदा ने पूरे देश को दहला दिया है। कोई प्रांत ऐसा नहीं है, जहां के लोग पहाड़ों पर लगे शवों के ढेर में न हों। हजारों अब भी राहत के इंतजार में हैं।
विज्ञापन


उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज

लेकिन तबाही का हवाई नजारा देखने वाले वीवीआईपी राहत कार्यों में बांधा बन रहे हैं। इनकी वजह से प्रशासनिक अधिकारी काम नहीं कर पा रहे।

सोनप्रयाग के पास वीवीआईपी के काफिले के कुछ लोगों के पिछड़ जाने पर राहत कार्य रोक दिया गया। फोन पर एक पूर्व मुख्यमंत्री बार-बार प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को लताड़ रहे थे। आपदा में घायल हरीवाला के टैक्सी ड्राइवर मनोहर ने बताया कि इस पर गुस्साए पुलिसकर्मी ने वायरलैस सेट जमीन पर दे मारा।

बेहोश होकर गिर गईं
गौरीकुंड में लाशों और तबाही का नजारा देखने आए वीआईपी हेलीकॉप्टर देखकर झारखंड की यात्री रामदेवी समझी की राहत कार्य वाले हैं। हेलीकॉप्टर के विंग की हवा से उड़ी टिन उनकी छाती में धंस गई और बेहोश होकर गिर गईं।
विज्ञापन


आईएमए के प्रदेश सचिव डा. डीडी चौधरी ने बताया कि टिन लगने से बेहोश हुई महिला का फौरन इलाज किया गया। वह हार्ट फेल की स्थिति में थी। वीवीआईपी की आवाजाही के चक्कर में सहस्त्रधारा हेलीपेड और जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आपदा पीड़ितों के परिजनों से बदसलूकी की गई। इस पर आक्रोशित परिजनों ने सोमवार को ऋषिकेश मार्ग पर जाम लगा दिया था।

सारा ध्यान इन पर चला जाता है
पीड़ितों के परिजनों का कहना है कि हवाई दौरा करके आपदा प्रभावित क्षेत्र देख लेने से क्या होगा? ऊपर से तो लाशें भी ढंग से नजर नहीं आएंगी। आला प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि एक अधिकारी को प्रोटोकॉल में लगाना पड़ता है। इसके अलावा कई वाहन इनके काफिले में लगाने पड़ते हैं। पीड़ितों को बचाने के बजाए सारा ध्यान इन पर चला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें