राजाजी नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व के दायरे में एक दर्जन गांवों को भी शामिल कर लिया गया है। अब इन गांवों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं की दिक्कत खड़ी हो गई।
सरकार ने मूलभूत सुविधाएं न दे पाने के मामले में गांववालों को पत्र भी दे दिया। इस पर नाराज गांव वालों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में याचिका दाखिल की है। ट्रिब्युनल ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करके 10 मई तक जवाब मांगा है।
राजाजी नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने के दौरान वन विभाग ने इन गांवों के संबंध में कोई ध्यान नहीं दिया। टाइगर रिजर्व में आने के बाद बहुत से प्रतिबंध इन गांवों पर लग जाएंगे।
राज्य सरकार नोटिस जारी
इन गांवों को सामान्य गांवों की तरह विकास योजनाएं नहीं मिलेंगीं और न ही गांवों में मूलभूत सुविधाओं के लिए कार्य हो सकेंगे। इस पर क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य मदन सिंह ने एनजीटी में जनहित याचिका दाखिल की।
इसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है। एनजीटी में मदन सिंह के अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने बताया कि याचिका में गांववालों के पुनर्वास और राहत के मामले को उठाया गया है। याचिका पर ट्रिब्युनल ने राज्य सरकार नोटिस जारी करके इस मामले में 10 मई तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।