कांग्रेस के बागी विधायकों के भाजपा में शामिल किए जाने के पक्ष में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नहीं है। परिषद का मानना है कि भाजपा वैचारिक रूप से अनुशासित पार्टी है, बागियों के आने से अनुशासन की दिक्कत हो सकती है।
विहिप के प्रदेश महामंत्री महेंद्र प्रताप सिंह नेगी का कहना है कि जो लोग कांग्रेस के खुले माहौल में नहीं रह पाए वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बताए अनुशासित माहौल में कैसे रह पाएंगे? वे भाजपा के अंदर भी तोड़फोड़ मचा सकते हैं।
माहौल खराब करने खतरा
विहिप का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रमुखता में राष्ट्रवाद, देश हित, समाज हित और राज्य हित है। भाजपा के नेताओं को संघ के वैचारिक अनुशासन में रखा जाता है। कांग्रेस का माहौल भाजपा से बिल्कुल अलग है।
अगर बागियों को शामिल किया गया तो आने वाले समय में वैचारिक मतभेदों के कारण भाजपा के लिए कष्टकारी स्थिति पैदा हो सकती है। बागी दूसरे नेताओं पर भी प्रभाव डाल सकते हैं। विहिप ने इस संबंध में संघ सर्किल में भी चर्चा की है।
काऊ का विरोध सबसे अधिक
यह भी माना जा रहा है कि विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत कांग्रेस में ऊंचे पद पर रहे हैं। अगर वे भाजपा में शामिल होते हैं तो वे उसी पद के अनुरूप जिम्मेदारी की इच्छा जताएंगे। भाजपा में जो निष्ठा से सालों से काम कर रहे हैं, उनका हक मारा जाएगा। सबसे अधिक विरोध उमेश शर्मा काऊ का हो रहा है। विहिप के प्रदेश महामंत्री नेगी का कहना है कि काऊ ने परिषद के कार्यकर्ताओं का बहुत उत्पीड़न किया है।