जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर से पहले पुश्ता ढहने से रास्ता जोखिम भरा हो गया है। इस भूस्खलन से खरसाली गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति भी ठप हो गई है।
क्षेत्र में लंबे समय से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव का खतरा बढ़ता जा रहा है। शनिवार को जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास पैदल मार्ग के नीचे बना पुश्ता ढह गया। जिससे करीब बीस मीटर हिस्से में रास्ता ढहने का खतरा पैदा हो गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता बागेश्वर उनियाल ने बताया कि इस हिस्से में नीचे से खोखले हुए पैदल मार्ग के ऊपर से आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। उन्होंने लोनिवि से शीघ्र मार्ग दुरुस्त कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन से इस हिस्से में खरसाली गांव की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे गांव में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन को अवगत कराकर शीघ्र लाइन दुरुस्त कराने की मांग की है। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता रविंद्र चौहान ने पुश्ता ढहने की बात स्वीकारते हुए कहा कि फिलहाल यहां कोई खतरा नहीं है। जल्द ही मार्ग को दुरुस्त कराया जाएगा।