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यमुना में जमा भारी मलबे से यमुनोत्री धाम पर मंडरा रहा है खतरा

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यमुनोत्री धाम में यमुना नदी के मुहाने पर कुछ इस तरह जमा पड़ा है मलबा। - फोटो : UTTER KASHI
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यमुना नदी के प्रवाह पथ पर जमा भारी मलबा यमुनोत्री धाम के लिए खतरा बना हुआ है। बार-बार मांग करने पर भी सरकार द्वारा इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में रोष है। उन्होंने अब कपाट बंद होने के बाद बर्फबारी शुरू होने से पहले मलबे को हटवा कर धाम में सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है।
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बीते सालों में मानसून सीजन के दौरान यमुना नदी में आया भारी मलबा यमुनोत्री धाम के आसपास यमुना नदी के प्रवाह पथ में जमा है। बीते साल जुलाई में अतिवृष्टि के दौरान इसी मलबे के कारण यमुना नदी से धाम में भारी तबाही मची थी। यात्रा सुचारु ढंग से चलाने के लिए प्रशासन ने यहां तटबंधों का निर्माण कराने के साथ ही बाढ़ में बहे पैदल पुल का पुनर्निर्माण तो कराया, लेकिन यमुना के प्रवाह पथ में जमा मलबे को अभी तक नहीं हटवाया है। जिससे भविष्य में मलबे से यमुना का प्रवाह अवरुद्ध एवं परिवर्तित होने से यमुनोत्री धाम में तबाही की आशंका बनी हुई है।
तीर्थ पुरोहित कुलदीप उनियाल, मनमोहन उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, विनोद प्रसाद, यात्रा कारोबारी महावीर पंवार आदि लोगों का कहना है कि बार-बार मांग करने पर भी प्रशासन मलबा नहीं हटा रहा है। यदि समय रहते मलबे को यहां से हटाकर मजबूत तटबंधों का निर्माण नहीं कराया गया, तो बड़ी तबाही का खतरा है। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में भारी भीड़ और सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते धाम में कार्य कराने की स्थिति नहीं होती है। ऐसे में प्रशासन को अब कपाट बंद होने के बाद बर्फबारी से पहले धाम में सुरक्षा कार्य कराने चाहिए। साथ ही उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए धाम में शौचालय, स्नान घाट आदि का निर्माण कराने की मांग की है।
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