यमुना के मायके खरशाली यमुना जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी यमुना में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यमुना जयंती पर सूर्यतनया मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से खरशाली गांव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। तीर्थ पुरोहित मुरलीधर उनियाल ने बताया कि चैत्र शुक्ल षष्ठी के दिन यमुना जी गोलोक धाम से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन को यमुना जयंती के तौर पर मनाया जाता है।
मंगलवार को यमुना जयंती पर दोपहर एक बजे यमुना जी की छड़ी और कलश के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। यमुना के तट पर पहुंचकर यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ दूध, घी आदि से यमुना जी का महाभिषेक किया गया और दीपदान किए गए।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन प्रकाश उनियाल ने बताया कि आज ट्रस्ट की दसवीं वर्षगांठ भी मनाई गई। इस मौके पर संदीप शस्त्री, मंदिर समिति के सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, भागेश्वर प्रसाद, प्रदीप, गजेंद्र, विजय सेमवाल, धर्मानंद बिजल्वाण, बलवीर बिष्ट, दिनेश खंडूड़ी, अशोक गर्ग आदि मौजूद रहे।