यमुनोत्री धाम स्थित दिव्य शिला पर पूजा-अर्चना में सभी तीर्थ पुरोहितों को समान अवसर नहीं मिलने से नाराज मंदिर समिति एवं पंच पंडा समिति ने इस बार दिव्य शिला के बजाय श्रद्धालुओं से यमुना नदी के तट पर पूजा-अर्चना कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर धाम में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कराने की मांग की है।
बता दें कि यमुनोत्री धाम में मां यमुना के मुखारविंद दिव्य शिला पर वर्षों से पूजा-अर्चना की जाती है। बेहद संकुचित इस स्थान पर भारी भीड़ भाड़ होने पर सभी तीर्थ पुरोहितों को अपने यजमानों से पूजा-अर्चना कराने के समान अवसर नहीं मिल पाते।
दिव्य शिला पर पूजा की बारी को लेकर पूर्व में कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। इसे देखते हुए इस बार यमुनोत्री मंदिर समिति और पंच पंडा समिति ने दिव्य शिला के बजाय यमुना नदी के तट पर पूजा-अर्चना कराने का निर्णय लिया है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन प्रकाश उनियाल, सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, पंचपंडा समिति के अध्यक्ष भागेश्वर उनियाल, महावीर प्रसाद, रतनमणि, रमण प्रसाद, चंडी प्रसाद, प्रवेश उनियाल, सत्यनारायण, चिरंजीव, प्रह्लाद आदि तीर्थ पुरोहितों ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।
उन्होंने कहा कि विवाद सुलझने तक दिव्य शिला के बजाय श्रद्धालुओं से यमुना नदी के तट पर पूजा-अर्चना कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इस व्यवस्था को बनाए रखने और सुरक्षा के लिहाज से यमुनोत्री धाम में अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था कराने की मांग की है।