बीते रोज विधानसभा में देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के नाम से पारित किए गए श्राइन बोर्ड एक्ट के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित पुरोहितों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री व गंगोत्री विधायक का पुतला फूंककर विरोध जताया। साथ ही सरकार के निर्णय के विरोध में चारधाम यात्रा का बहिष्कार करने, न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी।
श्राइन बोर्ड के विरोध में कलक्ट्रेट में तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर हुई सभा में तीर्थ पुरोहितों ने सरकार पर चार धाम समेत अन्य मंदिरों का अधिग्रहण कर धार्मिक परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। तीर्थ पुरोहितों के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन के नाम पर धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगमोहन रावत ने कहा कि सत्ता के मद में भाजपा सरकार निरंकुश हो चुकी है। नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल एवं उक्रांद नेता विष्णुपाल रावत ने भी तीर्थ पुरोहितों की मांग को जायज बताया।
तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। चौक में उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं गंगोत्री विधायक गोपाल रावत का पुतला फूंका। श्री पांच मंदिर समिति के सचिव दीपक सेमवाल ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र इस विधेयक को निरस्त नहीं करेगी, तो तीर्थ पुरोहित आगामी चार धाम यात्रा का बहिष्कार करेंगे। साथ ही मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मौके पर बदरीनाथ धाम के पुरोहित नरेशा नंद नौटियाल के साथ ही गंगोत्री के अरुण सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, राकेश सेमवाल, अशोक सेमवाल, मानेंद्र सेमवाल आदि मौजूद रहे।