नगाण गांव के रवाड़ा तोक में आयुष ग्राम स्थापित करने और बड़कोट में पंचकर्म यूनिट शुरू करने की घोषणा वर्षों बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई हैं।
अब सरनौल को योग ग्राम घोषित करने के बाद आयुर्वेद विभाग के अधिकारी इस गांव की दौड़ लगाने लगे हैं। पिछली भाजपा सरकार ने यमुनोत्री हाईवे से लगे रवाड़ा तोक में आयुष ग्राम की घोषणा की थी।
थान एवं नगाणगांव के ग्रामीणों ने 47 नाली जमीन निशुल्क दान दी और सरकार ने इस जमीन की चाहरदीवारी के लिए आठ लाख का बजट भी स्वीकृत किया।
सात साल बीतने के बाद अब तक आयुष ग्राम तो दूर चाहरदीवारी तक नहीं बन पाई है। बड़कोट स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म यूनिट की घोषणा कर इसके लिए उपकरणों की खरीद भी की गई, लेकिन स्टाफ की तैनाती नहीं होने से उपकरण बंद कमरे में धूल फांक रहे हैं।
अब सरकार ने सरनौल को योग ग्राम घोषित किया है। इसके साथ ही आयुर्वेदिक विभाग के आला अफसरों ने सरनौल गांव तक दौड़ लगानी शुरू कर दी है।
ऐसा ही कुछ आयुष ग्राम और पंचकर्म यूनिट की घोषणा के बाद भी हुआ था। लोगों को डर है कि कहीं योग ग्राम का हश्र भी आयुष ग्राम और पंचकर्म यूनिट की तरह न हो।
कोट.......
आयुष ग्राम घोषित करने से ग्रामीणों को काफी उम्मीद थी। वर्ष 2008 में ग्रामीणों ने 47 नाली जमीन निशुल्क दान दी और सरकार ने भी चहारदीवारी निर्माण के लिए आठ लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। नई घोषणाएं भी ठीक हैं, पर पूर्व स्वीकृत योजनाओं को भी धरातल पर उतारा जाना चाहिए।- जोगेंद्र चौहान, पूर्व प्रधान नगाणगांव।
इसी दिसंबर माह में स्टाफ तैनात कर बड़कोट की पंचकर्म यूनिट को शुरू कराया जा रहा है। रवाड़ा तोक में आयुष ग्राम के लिए मिली जमीन की अभी चाहरदीवारी नहीं बन पाई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। सरकारी घोषणाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा।- डा.डीडी बधानी, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी।