डीएम विनय शंकर पांडेय ने मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री की ओर से जिले में दो सौ से अधिक घोषणाएं की जा चुकी हैं, जिनमें आधी से अधिक पूरी हो चुकी हैं। आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास एवं विस्थापन की घोषणा भूगर्भीय सर्वे पूरा नहीं होने के कारण लटकी हुई है।
मंगलवार को डीएम पांडेय ने संबंधित विभागों की बैठक में सीएम की घोषणाओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं मानक के अंतर्गत नहीं हैं, उसे कारण सहित अपने विभागाध्यक्ष एवं शासन के संज्ञान में लाएं।
बैठक में मनेरी-डिडसारी, मुस्टिकसौड़-कुरोली, कमद-अयांरकाखाल मोटर मार्ग, पुरोला-गुंदियाटगांव, धारी कलोगी एवं नौगांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य, कवां में स्टेडियम निर्माण, उत्तरकाशी में मरीन ड्राइव आदि की प्रगति की समीक्षा की गई।
आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास एवं विस्थापन की घोषणा पर बताया गया कि जिले में 59 गांव आपदा प्रभावित हैं। अभी 25 गांवों की भूगर्भीय सर्वेक्षण आख्या के आधार पर 18 गांवों का आंशिक और 7 गांवों का पूर्ण विस्थापन होना है।
बैठक में सीडीओ जीएस रावत, एसडीएम हरगिरी, सीएमओ डा. ज्ञानेंद्र रावत, डीडीओ आनंद सिंह, अशोक कुमार, पीएस पंवार, जगमोहन चौहान, मदन लाल आदि मौजूद रहे।