विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने और योजनाओं की निगरानी करने वाले विभाग के हाल
उत्तरकाशी। जिले के विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने और करोड़ों रुपये की योजनाओं की निगरानी करने वाले विकास भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही बदहाल व्यवस्थाएं विकास के दावों की पोल खोल रही है। लगातार हो रही बारिश के बीच मुख्य गेट के बाहर नालियां जाम होने से सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इस कारण स्कूली बच्चों सहित कर्मचारियों और आम लोगों को रोजाना पानी से होकर कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान विकास भवन आने वाले अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामीण और फरियादी जलभराव के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी सड़क पार करते समय फिसलने के खतरे के बीच गुजरते दिखाई देते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह स्थान जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी संजय पंवार, सूरज गुसांई आदि का कहना है कि मुख्य द्वार के आसपास नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर भर रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है जिस कार्यालय से पूरे जिले में नालियों, सड़कों और अन्य विकास कार्यों की योजनाएं संचालित होती हैं, उसी कार्यालय के बाहर जल निकासी की व्यवस्था बदहाल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के बाहर ही जाम नालियां और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की तत्काल सफाई कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।