सूखे के हालात, कस्बों में बढ़ती आबादी और बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने से बड़कोट, चिन्यालीसौड़ एवं जोशियाड़ा आदि स्थानों पर पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इस हाल में स्थानीय लोगों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं और यात्रा कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव बड़कोट में पेयजल की किल्लत गहराती जा रही है। छटांगा एवं गडोली में एक महीने से पानी का संकट बना हुआ है। क्षेत्र के प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, सोलाल, ऐलासी देवी, राजकुमार आदि ने कहा कि जल संस्थान की लाइनों से स्थानीय लोगों को पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
होटलों में अवैध टुल्लू पंप लगाकर आम जनता के हक का पानी खींचा जा रहा है। जिला मुख्यालय से लगे जोशियाड़ा कालेश्वर मार्ग वाली बस्ती में पानी का संकट गहरा रहा है। क्षेत्र के पूरण सिंह बिष्ट, कुंदन असवाल, हिमांशु थपलियाल आदि ने बताया कि नलों में पानी नहीं आने पर लोग भागीरथी के मटमैले पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
चिन्यालीसौड़ नगर पंचायत के पीपलमंडी, जखवाड़ी, सुलीठांग, चुपल्या, हवाई अड्डा क्षेत्र, जोगत रोड, अस्पताल मोहल्ला, नागणी, धनपुर, बड़ेथी बस्ती में पानी का संकट बना हुआ है। अंतर क्षेत्रीय पलायन के कारण नगर की आबादी में भारी इजाफा हो चुका है, लेकिन पेयजल व्यवस्था वर्षों पुरानी लाइन के भरोसे है। नगर पंचायत अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने बताया कि पीपलमंडी में नलकूप के लिए बोरिंग की गई, लेकिन पानी नहीं निकला।
सर्दियों में अपेक्षित बारिश और बर्फबारी नहीं होने और अब गर्मी बढ़ने के कारण पेयजल स्रोतों पर पानी घट गया है, जिससे पेयजल आपूर्ति में कुछ दिक्कतें आ रही है। हैंडपंपों पर मोटर लगाकर तथा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति कराई जा रही है।
-वीरेंद्र वर्मा, ईई, जल संस्थान उत्तरकाशी।