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ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

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मंगलवार दोपहर को जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश और यमुनोत्री गंगोत्री धाम की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई, जबकि जिले के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि से खेतों में तैयार गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलों की मार से सेब की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
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मंगलवार दोपहर बाद हुई भारी बारिश से मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव हो गया। समाचार लिखे जाने तक भी जिले में रुक-रुक कर बारिश जारी है, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के आसपास की पहाड़ियों पर बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई है। चिन्यालीसौड़ दिचली क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य जोगेंद्र रावत, प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष कोमल सिंह राणा ने बताया कि दिचली गमरी क्षेत्र के दिचली, जगड़गांव, बनकोट, भैंगवालगांव, क्यारी, सर्प आदि गांवों में ओलावृष्टि इतनी हुई कि खेतों में सफेद चादर बिछ गई, जिससे गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। स्योरी फल पट्टी क्षेत्र में भी फ्लावरिंग सीजन में हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल चौपट हो गई है। सुक्की गांव निवासी मोहन सिंह राणा ने बताया कि उपला टकनौर क्षेत्र में भी मौसम की बेरुखी सेब की फसल पर भारी पड़ने लगी है। प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डा. पंकज नौटियाल का कहना है कि आजकल खेतों में गेहूं, मटर, मसूर आदि फसलें तैयार हैं, जबकि सेब आदि फल वृक्ष फ्लावरिंग स्टेज में हैं। ऐसे में ओलावृष्टि से फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
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