राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाए जाने के आरोप में एक वर्ष पूर्व धारमंडल के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे को प्रदेश सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गृह सचिव को ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के आदेश दिए हैं।
विदित हो कि जून 2013 की आपदा के दौरान खरादी में यमुना नदी पर धारमंडल क्षेत्र के पांच गांवों को जोड़ने वाला झूला पुल आपदा में बह गया था, जिससे क्षेत्र के लोग अलग-थलग पड़ गए थे। 20 जून 2015 को क्षेत्र के ग्रामीणों ने खरादी में यमुनोत्री हाईवे पर पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर सांकेतिक चक्काजाम लगाया था।
हाईवे जाम करने पर बड़कोट पुलिस ने धारमंडल क्षेत्र के 30 ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किया। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह चौहान और वीरेंद्र सिंह पयाल की पहल पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के गृह सचिव को ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस करने के आदेश दिए हैं। धारमंडल विकास समिति के अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।