ओसला गांव में नाइट ब्लाइंडनेस से पीड़ित ग्रामीणों का हाल जानने पहुंची डाक्टरों की टीम मंगलवार देर शाम तक नहीं लौटी है। बता दें कि जिला मुख्यालय से दो सौ किमी दूर सीमांत ओसला गांव वर्षों से नाइट ब्लाइंडनेस की चपेट में है। यहां 13 से लेकर 70 साल के बुजुर्ग आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं। अमर उजाला के चार दिसंबर के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है।
मोरी से डाक्टरों की टीम सोमवार को ओसला गांव रवाना हुई थी। मुख्य चिकित्साधिकारी मेजर डा. बीएस रावत ने बताया कि मंगलवार शाम तक टीम गांव से नहीं लौट पाई है और न ही टीम से संपर्क हो पाया है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि आंखों की बीमारी से पीड़ित लोगों को कम से कम मोरी ब्लाक मुख्यालय तक लाने की कोशिश करें ताकि वहां से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया जा सके।
परीक्षण के बाद जिन मरीजों के ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा और दवाई से ठीक होने वाले मरीजों को दवाई उपलब्ध कराई जा जाएगी।