डिप्लोमा इंजीनियरिंग की हड़ताल देख कर बहती गंगा में हाथ धोने के अंदाज में ज्ञानसू साल्ड उपरीकोट मोटर मार्ग पर मानकों के विपरीत धड़ल्ले से डामरीकरण किया जा रहा है।
बुधवार को बिना धूल मिट्टी साफ किए तथा निर्धारित मात्रा से कम सामग्री का उपयोग व कड़ाके की ठंड में कराया जा रहा डामर बिछाते ही उखड़ने लगा। इस तरह के काम से गुस्साएं साल्ड और ज्ञाणजा के ग्रामीणों ने काम रुकवाकर विरोध जताया।
एडीबी से 11.6 करोड़ की लागत से ज्ञानसू साल्ड उपरीकोट मोटर मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। जुलाई 15 तक सड़क तैयार होनी थी, लेकिन साल्ड से आगे काजवे तथा सड़क की कटिंग का काम पूरा किए बिना ठेकेदार डामरीकरण के लिए अनुपयुक्त माने जा रहे जाड़ों के सीजन में छह किमी में डामरीकरण का कार्य करा रहे हैं।
हालांकि इंजीनियरों ने डामरीकरण लायक सीजन नहीं होने पर सड़क निर्माण की अवधि के लिए जून तक के समय की संस्तुति की, लेकिन ठेकेदार की हठधर्मिता और धूल मिट्टी में डामर बिछाने पर स्थानीय लोग कार्य स्थल में एकत्रित होकर विरोध में उतर आए।
ज्ञाणजा की ग्राम प्रधान राजकुमारी पंवार, साल्ड के राजेश राणा, राजेंद्र पंवार, सत्य प्रसाद नौटियाल, सुरेश पंवार, शूरवीर राणा, दिनेश, प्रताप सिंह, शिव नारायण नौटियाल का कहना है कि ठेकेदार तीन साल में सड़क नहीं बना पाया है।
डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल का फायदा उठाकर कुछ हिस्सों में मानकों के विपरीत जो डामरीकरण कर रहा है, वह बिछाते ही उखड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क में डामरीकरण सहित निर्माण में लेट लतीफ पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे उन्हें काम नहीं करने देंगे।