ग्रामीणों ने कहा, 2019 में मार्ग निर्माण के दौरान टूट गई थी पाइप लाइन
जल संस्थान को इसकी सूचना देने के बाद भी जारी की गई है आरसी
पुरोला। ग्राम पंचायत कुरुड़ा के छाड़ा के ग्रामीणों ने जल संस्थान की ओर से वर्षों पुराने पानी के बिलों की आरसी जारी किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी पुरोला को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में जलापूर्ति बाधित रहने की अवधि के पानी के बिल एवं जारी की गई आरसी को निरस्त करने की मांग रखी है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2019 में पीएमजीएसवाई के तहत छाड़ा-कुरुड़ा मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान गांव की पेयजल पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दी गई लेकिन पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे दोनों गांवों की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति बंद होने के कारण किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें जल संस्थान से पानी के टैंकर मंगाने पड़ते थे जिसके लिए प्रत्येक टैंकर का लगभग एक हजार भुगतान ग्रामीणों की ओर से किया जाता था। पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग को लेकर वर्ष 2021 में तहसील परिसर में भूख हड़ताल भी की गई थी। उस समय जल संस्थान ने लिखित रूप से जल्द जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद लंबे समय तक पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी।
बाद में वर्ष 2023 से जल निगम के माध्यम से गांव में पेयजल उपलब्ध कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 तक जब उन्हें जल संस्थान से पेयजल मिला ही नहीं तब उस अवधि के पानी के बिल किस आधार पर जारी किए गए। ज्ञापन पर शीशपाल, अतर, सुरेन्द्र, शैलेंद्र, अनीता, मीमा कमला देवी, तारी देवी, राजकुमारी, लक्ष्मी, किन्दरी देवी, अनिल, जतनी लाल, प्यार दास, प्रवीन, दिनेश, जयरिया, कुंदन आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।