जनता मिलन कार्यक्रम में जा रहे डीएम को खरसाड़ी बाजार में रोककर जताया विरोध
समिति का विलय तत्काल निरस्त करने की उठाई मांग
पुरोला। डोभाल गांव बहुउद्देशीय सहकारिता समिति का नैटवाड़ समिति में विलय किए जाने के विरोध में गडूगाड पट्टी के 12 गांवों के ग्रामीण मुखर हो गए हैं। मोरी में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जाते समय खरसाड़ी बाजार में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य को रोककर नाराजगी जताई और समिति का विलय तत्काल निरस्त करने की मांग की।
डोभाल, रमाल, देवजानी, खेड़मी समेत विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि डोभाल गांव बहुउद्देशीय सहकारिता समिति गडूगाड़ पट्टी के 12 गांवों की सबसे बड़ी सहकारी समिति है। ऐसे में इसका नैटवाड़ समिति में विलय किए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों और समिति के शेयरधारकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए समिति का स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखना जरूरी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए डोभाल गांव बहुउद्देशीय सहकारिता समिति का नैटवाड़ समिति में किया गया विलय निरस्त कराने की मांग की। इस दौरान जयराम चौहान, विक्रम सिंह, महावीर सिंह, लक्ष्मण पंवार, विपिन सिंह, प्रधान महेंद्री पंवार, राजेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार, गोपाल सिंह चौहान मौजूद रहे।