जल्द समस्या हल नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
बड़कोट। अपर यमुना वन प्रभाग को फ्री ग्रांट की पेड़ नहीं मिलने पर ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि गत दो वर्षों से उन्हें वन विभाग विभिन्न नियमों का हवाला देकर गुमराह कर रहा है। कहा कि अगर उन्हें उनके हक-हकूकों से वंचित रखा गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
काश्तकार प्रताप रावत, दिनेश सिंह, शिव प्रसाद उनियाल, अवतार सिंह, जगमोहन, भरत सिंह, सुनील का कहना है कि गत दो साल से काश्तकारों को हक-हकूकों से वन विभाग वंचित रख रहा है। एक तरफ वन विभाग वनों की सुरक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान चला रहा है। दूसरी ओर, ग्रामीणों को उनके हक नहीं दिए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द फ्री ग्रांट लकड़ी सहित पीढ़ी की स्वीकृति नहीं दी गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और वन मंत्री को पत्र भेजकर प्रभागीय वनाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र सिंह का कहना है कि राजशाही 1940 के आधार पर वर्किंग प्लान स्वीकृति के बाद फ्री ग्रांट की लकड़ी दी जाती है।
- वर्ष 2021-22 और 2022-23 में फ्री ग्रांट लकड़ी व पीढ़ी काश्तकारों को दी गई। उसमें वर्किंग प्लान स्वीकृति की प्रतीक्षा में हुआ। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से वर्किंग प्लान में कुछ आपत्ति आई, जिसे जल्द सही करके भारत सरकार को भेजा जा रहा है।
रविंद्र पुंडीर, प्रभागीय वनाधिकारी, उत्तरकाशी