उत्तरकाशी के थाती गांव में अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार के परिवार के साथ सेना प्रमुख जनरल बिपिन र
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उत्तराखंड के तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत अपनी पत्नी के साथ शुक्रवार को अपने ननिहाल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों से मुलाकात कर बचपन के दिनों को याद किया। गांव के मुख्य द्वार पर स्थानीय ग्रामीणों ने सेना प्रमुख का ढोल दमाऊं और फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भारत माता और भारतीय सेना के जयकारों से पूरा माहौल गुंजायमान रहा।
डुंडा ब्लॉक की धनारी पट्टी स्थित थाती गांव में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत का ननिहाल है, जहां आज भी उनके मामा का परिवार और कुछ अन्य दूर के रिश्तेदार रहते हैं। अपने ममेरे भाई और अन्य रिश्तेदारों से मुलाकात करने के लिए शुक्रवार को आर्मी चीफ अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ थाती गांव पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार आर्मी चीफ सुबह करीब साढ़े नौ बजे हर्षिल से हेलीकॉप्टर से मातली स्थित आईटीबीपी हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से करीब 30 किमी का सफर तय कर थाती गांव पहुंचे। सबसे पहले आर्मी चीफ ने कुल देवी मां राजराजेश्वरी मंदिर में करीब 15 मिनट तक पूजा अर्चना की। उसके बाद करीब आधा किमी पैदल चलकर वह अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार के घर पहुंचे।
इस दौरान जनरल रावत ने अपने नाना के लकड़ी और पत्थर से बने दशकों पुराने पांच मंजिला (पंचपुरा) घर को देखा और इस घर से जुड़ी यादें साझा कीं। फिर अपने ममेरे भाई नरेंद्र सिंह परमार और बहु संगीता देवी सहित सभी परिजनों से मुलाकात कर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई। इस बीच उनकी धर्मपत्नी ने परिजनों को उपहार भेंट किए, जबकि रिश्तेदारों ने भी उन्हें परिवार से जुड़ी पुरानी तस्वीरें तथा शॉल आदि सौगात भेंट की। इस मेल मुलाकात के दौरान जनरल रावत ने सभी लोगों का आभार प्रकट करते हुए जल्द ही दोबारा लौटने व गांव के विकास में सहयोग देने का भरोसा दिया। करीब 40 मिनट के इस पारिवारिक मिलन के बाद आर्मी चीफ सड़क मार्ग से मातली हेलीपैड पहुंचे और हेलीकॉप्टर से दिल्ली लौट गए। इस दौरान जनरल रावत के रिश्तेदार परमेंद्र परमार, शैलेंद्र परमार, प्रमोद परमार, पिंकी देवी, शांति देवी, अंजली देवी, मेहरबान सिंह परमार तथा दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
उत्तरकाशी के थाती धनारी में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का स्वागत करते ग्रामीण।- फोटो : UTTER KASHI