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भारत-तिब्बत बार्डर पर दौड़ेंगे वाहन

Sun, 02 Apr 2017 09:56 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
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अब वह दिन दूर नहीं जब भारत-तिब्बत बार्डर पर वाहन सरपट दौडे़ंगी। बार्डर एरिया में बनाई गई 57 किमी सड़क में से 14 किमी सड़क बीआरओ ने कोल्ड मिक्स तकनीक से पक्की कर दी है। बॉर्डर एरिया में यह पहला मौका है जब सड़क तैयार करने के लिए कोल्ड मिक्स तकनीक अपनाई गई है। प्लानिंग कामयाब रहने के बाद अब बीआरओ के अधिकारी शेष बची 43 किमी सड़क को भी कोल्ड मिक्स से पक्की करने जा रहे हैं।  
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दरअसल अभी तक सड़क बनाने में ज्यादातर हॉट मिक्स तकनीक ही अपनाई जाती है, लेकिन जिले से लगी भारत-तिब्बत सीमा पर पहली बार कोल्ड मिक्स तकनीक अपनाई गई। जो पूरी तरह से कामयाब रही। वर्तमान में बार्डर एरिया में बनाई गई 57 किमी सड़क में से 14 किमी सड़क बीआरओ के कर्मचारियों ने कोल्ड मिक्स से तैयार कर दी है। बीआरओ ने अभी तक नेलांग, नागा और जादुंग तक के एरिया में कोल्ड मिक्स से पक्की सड़क तैयार कर दी है। शेष बची 43 किमी सड़क पर बीआरओ की तरफ से जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को बीआरओ के अधिकारी कमांडर एससी लूनिया ने बार्डर एरिया का निरीक्षण किया। बीआरओ के कमान अधिकारी एससी लूनिया ने बताया कि बार्डर एरिया में अभी भी कई जगह हिमखंड जमें हैं, जिनका कोल्ड मिक्स से तैयार की गई सड़क पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा है। वर्ष 2018 तक शेष बची सड़क भी बन जाएगी।

क्या है कोल्ड मिक्स तकनीक
इमल्सन को जब गर्म करके तैयार किया जाता है, तो यह हॉट मिक्स तकनीक कहलाती है। लेकिन जब कोल्ड करके तैयार किया जाता है, तो यह कोल्ड मिक्स तकनीक कहलाती है। कोल्डि मिक्स तकनीक इन्वॉयरमेंट फैंडली होती है। इसमें हॉट मिक्स प्लांट लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है, जिससे आसपास में इससे धुआं भी नहीं उठता है। इसके अलावा काम कर रहे कर्मचारियों के लिए भी इसमें सहूलियत होती है। सड़क तैयार करने के लिए करीब आठ डिग्री तापमान होना जरूरी होता है।
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