केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती मुखबा के देवी मंदिर से बाहर आई। उन्होंने तीन घंटे मार्कंडेय के पास शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और भागीरथी के बीच टापू में उतरकर घंटों तक गंगा की आराधना की। मंत्री के लिए टापू में छोटा टेंट लगाया गया था।
शनिवार को करीब दस बजे उमा भारती देवी मंदिर से निकलकर डेढ़ किमी आगे मुखबा की ओर मार्कंडेय स्थित शिव मंदिर पहुंची। यहां करीब एक बजे तक इसी मंदिर में बैठकर उन्होंने पूजा-अर्चना करने के साथ ही ध्यान किया।
दोपहर को यहां से वे नीचे भागीरथी में उतरकर नदी की एक जलधारा को पार करके टापू पर पहुंची। इससे पहले दिन शुक्रवार देर शाम को मुखबा की प्रधान अनीता व गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने उमा भारती से वन संरक्षण अधिनियम के कारण वर्षों से लटकी स्वीकृत हर्षिल-जांगला 6.25 किमी मोटर मार्ग के शीघ्र निर्माण की मांग की।
तीर्थ पुरोहित तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह मोटर मार्ग बन जाता है, तो गंगोत्री मंदिर के कपाट खुलने पर यहां शीतकालीन प्रवास के लिए लाई जाने वाली गंगा जी की डोली को जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर श्रद्धालु सड़क से गंगोत्री ले जा सकते हैं। उमा भारती ने तीर्थ पुरोहितों को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से स्वीकृत सड़क को ऑल वेदर रोड योजना में शामिल कराने को कहेंगी।