उत्तरकाशी नगर को जल्द ही धार्मिक नगरी घोषित किया जा सकता है। पिछले कई वर्षों से की जा रही इस मांग पर सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व उपाध्यक्ष चार धाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल ने पत्रकारों को बताया कि उनके द्वारा पूर्व में उत्तरकाशी नगर को धार्मिक नगरी घोषित करने की मांग की गई थी। इसके लिए आंदोलन भी किया गया था। उन्होंने इस मांग को मुख्य सचिव के सामने भी रखा था। इस मांग को अब शासन की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।
मुख्य सचिव के आदेश पर सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने धार्मिक नगरी का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने के आदेश दिए गए हैं। सूरतराम नौटियाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने से अब कभी भी आचार संहिता लागू किए जाने की घोषणा हो सकती है, ऐसे में इस प्रस्ताव को शीघ्र तैयार कर शासन को भेजना चाहिए। उन्होंने
चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के अंदर इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग में सिर्फ उत्तरकाशी नगर पालिका क्षेत्र को धर्म नगरी घोषित करने की बात की गई है, लेकिन अगर इसमें भागीरथी नदी के आसपास के बाकी क्षेत्रों को भी क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से शामिल किया जाता है, तो यह बेहतर होगा।
जो क्षेत्र धार्मिक नगरी में आयेगा, वहां मांस-मदिरा आदि पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता, होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी के अध्यक्ष अजय पुरी, नेम चंद चंदोक, मुरारी लाल भट्ट, हरीश नौटियाल, राम गोपाल पैन्यूली, विहारी लाल नौटियाल, हरीश रावत, कुशाल सिंह, मनोहर श्याम नौटियाल आदि मौजूद थे।