यदि आप परिवार के साथ उत्तरकाशी के मुख्य या आंतरिक बाजारों में खरीदारी या अन्य कार्यों के लिए आ रहे हैं, तो यहां आपको नागरिक सुविधाओं के लिए भटकना पड़ सकता है। आंतरिक बाजारों में कहीं शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को होती है। वहीं व्यापारियों को भी रोजाना इस परेशानी से दो-चार होना पड़ता है।
उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसके अलावा यह गंगोत्री व यमुनोत्री धाम का भी मुख्य पड़ाव है। वहीं शीतकालीन पर्यटन स्थल हर्षिल, चौरंगी, रैंथल, बारसू आदि का भी उत्तरकाशी शहर मुख्य पड़ाव है, जिसके चलते यहां के बाजारों में हमेशा भीड़भाड़ रहती है। जनपद मुख्यालय होने के कारण सभी जनपद स्तरीय कार्यालय भी शहर में ही हैं। इससे बाजार में खरीदारी आदि के लिए हर रोज लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। बावजूद इसके यहां मुख्य बाजार सहित आंतरिक बाजारों में नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। आंतरिक बाजारों में शौचालय की व्यवस्था ना के बराबर है। सबसे अधिक परेशानी यहां महिलाओं को उठानी पड़ती है।
- आंतरिक बाजारों में शौचालय की समस्या बनी हुई है, जिससे बाजार में आने वाले लोगों व व्यवसायियों को खासी दिक्कतें होती हैं। इस संबंध में पालिका प्रशासन ने कई बार कहा गया है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। -रमेश चौहान, व्यापार सभा अध्यक्ष, उत्तरकाशी।
- आंतरिक बाजारों में कहीं यूरेनल की व्यवस्था नहीं है। झूला पुल के समीप एक सार्वजनिक शौचालय है। जिसकी स्थिति खराब है। बहुत गंदगी के चलते दुर्गंध फैली रहती है। यूूरेनल न होने से व्यापारी बहुत परेशान हैं। शहर में यूूरेनल बनने चाहिए। -शैलेंद्र मटूड़ा, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी।
पालिका अध्यक्ष व ईओ के बयानों में विरोधाभास
शौचालय की समस्या पर पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के बयानों में विरोधाभास है। जहां पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल ने आंतरिक बाजारों में शौचालय की समस्या को स्वीकार करते हुए कहा कि जगह न मिलने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। वहीं अधिशासी अधिकारी सुशील कुरील का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय हैं। यदि कहीं और भी आवश्यकता है, तो निर्माण करा दिया जाएगा।
सार्वजनिक शौचालय में फैली है गंदगी
शहर में यदि कहीं सार्वजनिक शौचालय है भी तो वहां गंदगी पसरी रहती है। व्यवसायियों व स्थानीय निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों में पालिका सफाई का ध्यान नहीं रख रही है।