यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा से पोलगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों की माने, तो करीब 4.5 किमी लंबी सुरंग की खुदाई 3.2 किमी तक पूरी हो गई है। सुरंग के बनने से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के बीच की दूरी करीब 26 किमी तक कम हो जाएगी।
चारधाम महामार्ग परियोजना के तहत वर्ष 2018 में आर्थिक मामलों की मंत्री मंडलीय समिति (सीसीईए) ने यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा पोलगांव सुरंग के निर्माण को मंजूरी दी थी, जिसके बाद वर्ष 2019 में सुरंग का निर्माण शुरू हुआ। सबसे पहले सिलक्यारा की ओर से सुरंग की खोदाई शुरू हुई। बाद में पोल गांव की ओर से भी खुदाई का काम किया गया। वर्तमान समय में सिलक्यारा की ओर से करीब 1987 मीटर और पोलगांव की ओर से 1270 मीटर सुरंग की खोदाई की जा चुकी है, जिसके बाद सुरंग को आरपार करने के लिए करीब 1300 मीटर की दूरी शेष रह गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचडीसीआईएल) के अधिकारियों की मानें तो अगले 13-14 महीनों में सुरंग की खोदाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सुरंग को फाइनल टच देने में छह से आठ महीने का और समय लग सकता है। 12 मीटर चौड़ी डबल लेन सुरंग में दो भारी वाहन एक साथ गुजर सकते हैं। संवाद
रॉड़ी टॉप के घुमावदार बैंडों से भी मिलेगी निजात
सिलक्यारा-पोल गांव सुरंग बनने से यात्रियों को रॉड़ी टॉप के घुमावदार बैंडों से भी निजात मिलेगी। वर्तमान समय में यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए यमुनोत्री हाईवे रॉड़ी टॉप से होकर गुजरता है, जिस पर कई बैंड और उतराई चढ़ाई होने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है। खासतौर पर मैदानी क्षेत्र के यात्रियों को पहाड़ में सफर का अनुभव नहीं होने के कारण रॉड़ी टॉप क्षेत्र में सफर के दौरान उल्टी और चक्कर जैसी परेशानी से भी जूझना पड़ता है।
यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन टनल की खोदाई का काम 3.2 किमी तक पूरा हो गया है, जिसके बाद 1300 मीटर की दूरी बची है। 13 से 14 महीनों में सुरंग को आरपार कर लिया जाएगा।
-कर्नल संदीप पाटिल, एनएचडीसीआईएल।