मौसम के उतार-चढ़ाव ने बदला बागों का मिजाज
राजकीय उद्यान एवं प्रशिक्षण संस्थान जरमोला ने फूलों को हटाने की दी सलाह
पुरोला। यमुना घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों सेब, आड़ू और पुलम के बागों में असमय फूल खिलने की समस्या सामने आने लगी है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और तापमान में असामान्य बदलाव के चलते पेड़ों पर समय से पहले फूल आने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर राजकीय उद्यान एवं प्रशिक्षण संस्थान जरमोला की उप निदेशक ज्योति बजेली ने बागवानों को सतर्क रहने और असमय खिल रहे फूलों को तत्काल हटाने की सलाह दी है।
ज्योति बजेली ने बताया कि इस समय पेड़ों पर आने वाले असमय फूल सुप्तावस्था के दौरान उपयोग के लिए संचित कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। इससे पेड़ों की प्राकृतिक सुप्तावस्था की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका प्रतिकूल असर आगामी सीजन में पुष्पन, फल बनने की प्रक्रिया और कुल उत्पादन पर पड़ने की आशंका रहती है।
उन्होंने कहा कि मौसम में असामान्य बदलाव और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण कई क्षेत्रों में फलदार पेड़ों पर समय से पहले फूल निकल रहे हैं। यदि इन फूलों को पेड़ों पर ही रहने दिया गया तो पौधों की संचित ऊर्जा अनावश्यक रूप से खर्च होगी जिससे पेड़ों की वृद्धि और उनकी आगामी उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है। उप निदेशक ने बागवानों से कहा कि वे अपने बागों का नियमित निरीक्षण करें और जहां भी असमय फूल दिखाई दें, उन्हें सावधानीपूर्वक हाथ से हटा दें।