चिट फंड कंपनी में लोगों के खाते खुलवा कर उनके द्वारा जमा धनराशि के गबन के मामले में पुलिस ने जल विद्युत निगम के एक कर्मचारी समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया है। साथ ही कर्मी की पत्नी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
वर्ष 2018 में जनबंधन प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने जिला मुख्यालय के साथ ही धौंतरी, गंगोत्री एवं चिन्यालीसौड़ में अपनी शाखाएं स्थापित कर लोगों से खाते खुलवा कर पैसे जमा कराए। ज्यादा मुनाफे के लालच में बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में खाते खुलवाए। एक साल बाद ही कंपनी द्वारा शर्तों के मुताबिक पैसा नहीं लौटाने पर लोग भड़क उठे। लाखों रुपये गबन के मामले में धौंतरी निवासी दिनेश राणा व तिलोथ निवासी पूरण सिंह रावत ने राजस्व पुलिस एवं थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जबकि देहरादून समेत अन्य स्थानों से कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के आरोप में मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके चलते कंपनी का मुख्य मालिक संजीत यादव बीते माह दिल्ली से गिरफ्तार हो चुका है।
थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि मामले में पुलिस ने जल विद्युत निगम के कर्मचारी मिथिलेश तिवारी निवासी पूर्वी चंपारन बिहार के साथ ही सुरेश कुमार निवासी बालगंगा टिहरी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मिथिलेश की पत्नी प्रियंका तिवारी के खिलाफ भी केस दर्ज है। वह उत्तरकाशी में इस कंपनी की ब्रांच हेड थी। मामले की विवेचना कर रहे एसआई रमन बिष्ट ने बताया कि अभी कंपनी का नेटवर्क खंगाला जा रहा है, जिसमें धोखाधड़ी और गबन के मामले में कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई रमन बिष्ट के साथ ही कांस्टेबल चंद्रमोहन एवं वीर सिंह भी शामिल रहे। एसपी पंकज भट्ट ने पुलिस टीम की इस सफलता पर एक हजार पुरस्कार की घोषणा की है।