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विशेषज्ञों ने लिया भिडियालीगाड़ भूस्खलन क्षेत्र का जायजा

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यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भिडियाली गाड के पास भूस्खलन वाले हिस्से का निरीक्षण करते अधीक्षण अभियंत - फोटो : UTTER KASHI
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भिडियालीगाड़ में बीते शुक्रवार को भारी भूस्खलन से अवरुद्ध हुए जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर अभी तक आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है। हालांकि कई तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर ही धाम तक पहुंच रहे हैं। बुधवार को लोनिवि के अधीक्षण अभियंता की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने भिडियालीगाड़ भूस्खलन जोन का निरीक्षण किया।
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भिडियालीगाड़ में सक्रिय भूस्खलन में रुक-रुक कर भारी बोल्डर और मलबा गिर रहे हैं। लोनिवि के मजदूर इस हिस्से को बाईपास कर यमुनोत्री धाम के लिए 400 मीटर लंबा वैकल्पिक पैदल मार्ग बना रहे हैं। इस रास्ते को सुरक्षित आवाजाही लायक तैयार होने में अभी दो-तीन महीने और लगेंगे। इसके बावजूद मां यमुना के प्रति आस्था के चलते रोजाना कई तीर्थयात्री जोखिम उठाकर धाम पहुंच रहे हैं।
भूस्खलन से उपजे हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार को लोनिवि के अधीक्षण अभियंता आरके जैन टीम के साथ भिडियालीगाड़ पहुंचे। उन्होंने यहां भूस्खलन से हुई क्षति का जायजा लेने के साथ ही यमुनोत्री धाम के लिए व्यवस्थित रास्ता बनाने की संभावनाएं तलाशीं। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि इस हिस्से में सुरक्षित आवाजाही के लिए पुलिया एवं रास्ता तैयार कराया जाएगा। टीम में लोनिवि के ईई एसके गर्ग, सिंचाई विभाग के ईई हिमांशु घिल्डियाल, भूवैज्ञानिक शिव कुमार राय, जेई रविंद्र चौहान आदि शामिल रहे।
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